Rahul Gandhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्या सीखना चाहिए जानिए पूरी खबर

0
30
Rahul Gandhi
Rahul Gandhi : Can Learn from Prime Minster Narender Moidi and want to know

Rahul gandhi :  कैम्ब्रिज की एक यूनिवर्सिटी में संवाद सत्र के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने यह कहा है की प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुझ पर हमला करते है। और इसके भी 2 नज़रिए हो सकते है। पहला तो यह – में कहुँ की वह कितने बुरे है , और मुझ पर हमला कर रहे है। वही दूसरा – बहुत बढ़िया , में उनसे ( नरेंद्र मोदी ) कुछ सीख सकता हूँ।

राहुल गाँधी ( Rahul Gandhi )  इन यूनिवर्सिटी

Rahul Gandhi

राहुल गाँधी कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अपनी लंदन की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किए जाने वाले हमले को याद किया। और इस दौरान उन्होंने यह बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी के हमले को दो नज़रिए से देखा जा सकता है। इसके साथ ही  उन्होंने अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी कि मृत्यु को जीवन में सबसे बड़ा सीख देने वाला अनुभव बताया।

पीएम मोदी से सीख सकते है

भारत देश में रोजमार्रा के अपने राजनीतिक जीवन का राहुल गाँधी ने यह उल्लेख करते हुए  कहा है कि – ‘अगर में पलट कर देखूं तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुझे पर हमला करते है और ऐसे में कहुँ कि हे भगवन , वह कितने बुरे है , और वह मुझ पर हमला कर रहे है।

इसके अलावा भी देखने का दूसरा नजरिया है – बहुत बढ़िया , में उनसे ( नरेंद्र मोदी) कुछ ना कुछ तो सीख सकता हूँ , मुझे कुछ और सिखाएं’ ।

पिता कि मृत्यु से सीखा

कैम्ब्रिज कि एक यूनिवर्सिटी में संवाद सत्र के दौरान राहुल गाँधी जो कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष है उन्होंने यह कहा है कि उनके पिता राजीव गाँधी कि एक हमले में मृत्यु उनके लिए सीख देने वाला जीवन का बहुत बड़ा अनुभव था।

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने यह भी कहा है कि इस हादसे में उन्हें वो चीजे सीखने को मिली जो शायद वह कभी नहीं सीख पाते। आपको यह भी बता दे कि 21 मई 1991 को तमिलनाडु में एक चुनावी सभा के दौरान लिट्टे के आत्मघाती हमले में राजीव गाँधी कि मृत्यु हो गई थी।

और जब व्यक्तिगत अनुभव से जुड़े कुछ सवाल पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने यह कहा कि – ‘ मेरे पिता कि मृत्यु जीवन में सीख देने वाला सबसे बड़ा अनुभव था । और मेरे लिए इससे बड़ा कोई अनुभव नहीं हो सकता, राहुल गाँधी ने आगे यह कहा , ‘ जिस व्यक्ति या ताकत ने मेरे पिता कि हत्या कि उसने मुझे बहुत ज्यादा दर्द दिया।

यह सही भी है , क्योकि मैंने एक बेटे के रूप में अपने पिता को खोया था और साथ ही  बहुत दुखद था। परंतु , पर में इस तथ्य से भी दूर नहीं भाग सकता उसी घटना ने मुझे ऐसी बहुत चीजे सिखाई , और जो शायद में कभी नहीं सीख सकता था। इसलिए जब आप सीखना चाहते है तो यह मायने बिलकुल भी नहीं रखता कि दूसरे लोग कितने बुरे है।

इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने राजनीति में हुए बदलाव को लेकर अपना विज़न भी बताया और कहा कि राजनीति में बदलाव के लिए उन्होंने अपनी पार्टी में युवाओ के लिए दरवाजे भी खोल रहे है। और इस कार्यक्रम में मौजूदा युवाओ ने भी राहुल गाँधी से भारत के राजनीति के संदर्भ में कुछ सवाल पूछा कि भारतीय राजनीति में बदलाव लाने के लिए वह किस प्रकार से इसका हिस्सा बन सकते है ?

और इस में राहुल गाँधी ने यह कहा है कि वह पार्टी के नेताओ के साथ बतौर इंटर्न जुड़ सकते है और इसके बाद उन्हें देश के अलग -अलग  हिस्सों  में  भेजा जाएगा , उन्होंने यह भी बताया है कि वे मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार रहे।