Movie Major Review : फौजी की अनसुनी कहानी जानिए इस खबर का पूरा सच |

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Movie Major Review
Movie Major Review : Film Review In Hindi By Pankaj Shukla, Want To Know .

Movie Major Review :  कलाकार जिसका नाम है अदिवि शेष है वह हिंदी भाषी राज्यों में उतने चर्चित नहीं है क्योकि जितना  बाकि साउथ फिल्म स्टार के बारे में लोग जानते है। कुछ न कुछ मेजर संदीप उन्नीकृष्णन की ही तरह। साल 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले की पूरी कहानी को लोग अच्छी तरह से जानते है।

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और साथ ही इस घटना पर तमाम फिल्मे और वेब सीरीज बना चुके है परंतु, संदीप उन्नीकृष्णन की कहानी बस कुछ ही लोग जान पाए है की वह एक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड से भी पहले वो एक कमांडो थे। जो की मुंबई के ताज पैलेस होटल पर हुए लगातार हमले के कारण वह शहीद हुए।

कलाकार अदिवि शेष ने संदीप की कहानी उनकी शहादत के बजाय उनके जीवन पर केंद्रित रखी है। आपको यह भी बता दे की अमेरिका में पहली बार अदिवि ने संदीप की फोटो देखी और साथ ही उनका चहेरा ठीक अपने जैसा पाकर इस कहानी में उनकी दिलचस्पी और भी जागी। कुल लग भग डेढ़ दशक तक यह कहानी उनके सीने में छुपी रही और अब जाकर एक फिल्म “मेजर ” के रूप में यह परदे तक पहुंची है।

नौजवान ( Movie Major Review ) की कहानी

आपको बता दे की यह कहानी एक मेजर की है जिसका नाम है संदीप उन्नीकृष्णन और यह फिल्मो उनके लम्हो के आधार पर बनाई गई है। और जो समय अदिवि ने संदीप के माता – पिता के साथ गुजारे। कलाकार अदिवि यह बताती है की उनकी इस कहानी में मेजर संदीप के जीवन के कुछ पहलुओं को शामिल करने की कोशिश उनकी रही जिन्होंने उन्हें एक जाबाज़ और साथ ही देश प्रेमी फौजी अफसर के रूप में तैयार किया।

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और यह कहानी खुद कलाकार अदिवि ने बरसो की मेहनत के बाद जाकर तैयार की है। और जो निर्देशक शशि किरण टिक्का इसके बाद जाकर जुड़े और दोनों ने मिलकर यह फिल्म इस मुकाम तक पहुंचाया और जहां इस फिल्म को देखने की दिलचस्पी भरे ,  और  हर फिल्म के दर्शक में ना हो परंतु , फिल्म के बारे में जिसने भी पढ़ा या फिर सुना , उसको अदिवि का यह प्रयास बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा।

फिल्म ‘मेजर ‘ एक वॉर फिल्म बिलकुल भी नहीं है , यह एक बहुत ही भावनात्मक कहानी है , उस इंसान की है जिसने अपने देश के लिए अपनी जान दे दी, परंतु मेजर का मन अंतिम समय तक भी भावुक रहा। कहानी बताती है की ऊपर से सख्त नज़र आने वाले फौजी अफसर भी नाजुक पलो में डिसिशन अपने दिमाग से नहीं बल्कि अपने दिल से ही करते है।